गुरुकुल होगे ईसकूल
बियंग
नानचन लईका
बड़े जान बस्ता लादे हे
कई घंव तो बपुरा
रेंगते रेंगत पादे हे
बड़े जान बस्ता लादे हे
कई घंव तो बपुरा
रेंगते रेंगत पादे हे
धियान हे रंधनी कोती
मनटोरा आज का रांधे हे
आधा ला पोरसत हे
आधा ला गठरी बांधे हे
अऊ मनटोरा के खोपा मे
गुरुजी हा खोंचत हे फूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
मनटोरा आज का रांधे हे
आधा ला पोरसत हे
आधा ला गठरी बांधे हे
अऊ मनटोरा के खोपा मे
गुरुजी हा खोंचत हे फूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
लईका के पहिली
गुरुजी ला खाना हे
बाहिर डाहर खुल्ला मे
अब कोई ला नई जाना हे
पांच ला हे खवाना
अऊ पंदरा बताना हे
अब कइसे करबे भैया
साहब बर घलो बचाना हे
कोन जनी कबले हमर
ब्यव्स्था होगे ढूल-मूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
गुरुजी ला खाना हे
बाहिर डाहर खुल्ला मे
अब कोई ला नई जाना हे
पांच ला हे खवाना
अऊ पंदरा बताना हे
अब कइसे करबे भैया
साहब बर घलो बचाना हे
कोन जनी कबले हमर
ब्यव्स्था होगे ढूल-मूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
गुरुजी हा लईका ला
अब मार नई सकय
गारी देके घलो ओहा
अब सुधार नई सकय
जाती धरम के नाव लेके
अब पुकार नई सकय
कोनहो सरकारी बुता ला
अब नकार नई सकय
गुरुजी के हाथ बांध के
करे हन बडका हमन भूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
अब मार नई सकय
गारी देके घलो ओहा
अब सुधार नई सकय
जाती धरम के नाव लेके
अब पुकार नई सकय
कोनहो सरकारी बुता ला
अब नकार नई सकय
गुरुजी के हाथ बांध के
करे हन बडका हमन भूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
फोटू देखा-देखा के
लईका ला पढाना हे
फैल होय ते पास होय
आघू कक्छा बढाना हे
सब जानत हो भैया
अंग्रेजी के जमाना हे
एको कन भर आ जाये
ताहन दाई ला डरवाना हे
आज के आधुनिक पढई मे
हमर संस्कार होगे थूल-थूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
लईका ला पढाना हे
फैल होय ते पास होय
आघू कक्छा बढाना हे
सब जानत हो भैया
अंग्रेजी के जमाना हे
एको कन भर आ जाये
ताहन दाई ला डरवाना हे
आज के आधुनिक पढई मे
हमर संस्कार होगे थूल-थूल
का करबे संगवारी
अब गुरुकुल होगे ईसकूल
रचनाकार- ललित साहू "जख्मी"
ग्राम -छुरा
जिला - गरियाबंद (छ.ग.)
9144992879
ग्राम -छुरा
जिला - गरियाबंद (छ.ग.)
9144992879
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