उड़ जाही हंसा गीत
कतको कर ले जतन तेहं तनके,
उड़ जाही ये हंसा अपन मन के ।
चाहे बांध ले..२ चाहे बांध ले
गेरवा म जकन के
उड़ जाही ये पंछी अपन मन के।
करिया गोरिया काया पाके,मोहमाया म लटपटागे।
जनम देवईया दाई ददा के,
सेवा करे बर भुलागे ।
चाहे धांध ले...२चाहे धांध ले
सोना के भवन मे, उड़ जाही ये पंछी अपन मन के ।
कतको करले जतन......।
नरवा नदिया तरिया पोखर,
सागर म मिल जाही ।
ये तन तो हे फूल बरोबर,
बिनहा खिले अउ संझा मुरझाही ।
नई हे नई हे...२ भरोसा ये जीवन के,
गाले गाले गुन हरि भजन तें ।
कतको करले जतन तेहं तनके,
उड़ जाही ये हंसा अपन मनके ।
उड़ जाही ये हंसा अपन मन के ।
चाहे बांध ले..२ चाहे बांध ले
गेरवा म जकन के
उड़ जाही ये पंछी अपन मन के।
करिया गोरिया काया पाके,मोहमाया म लटपटागे।
जनम देवईया दाई ददा के,
सेवा करे बर भुलागे ।
चाहे धांध ले...२चाहे धांध ले
सोना के भवन मे, उड़ जाही ये पंछी अपन मन के ।
कतको करले जतन......।
नरवा नदिया तरिया पोखर,
सागर म मिल जाही ।
ये तन तो हे फूल बरोबर,
बिनहा खिले अउ संझा मुरझाही ।
नई हे नई हे...२ भरोसा ये जीवन के,
गाले गाले गुन हरि भजन तें ।
कतको करले जतन तेहं तनके,
उड़ जाही ये हंसा अपन मनके ।
दीनदयाल टंडन
शास.उ.मा.वि.पीपरछेड़ी छुरा
शास.उ.मा.वि.पीपरछेड़ी छुरा