नापाक साजिश
यूँ छुपके लड़ाई वो कायर लड़ता है,
वो हमसे खिलाफत की साजिश करता है।
वो हमसे खिलाफत की साजिश करता है।
वो हमसे हमेशा ही यारों हारा है,
अब हमको हराने की ख्वाहिश करता है।
अब हमको हराने की ख्वाहिश करता है।
वो धमकी भरे लफ्जों में कुछ कहता है,
वो सबको डराने की कोशिश करता है।
वो सबको डराने की कोशिश करता है।
हम हरदम सुलह की ही हसरत रखते है,
वो हमसे हमेशा ही रंजिश करता है।
वो हमसे हमेशा ही रंजिश करता है।
वो भी ना रहेगा अब बह ही जायेगा,
जो सबपर कहर की ही बारिश करता है।
जो सबपर कहर की ही बारिश करता है।
हर अच्छी पहल को ये ठोकर मारेगा,
वो अच्छे इरादों पे बंदिश करता है ।
वो अच्छे इरादों पे बंदिश करता है ।
वो सबकी भलाई की सोच नही पाता,
वो खुद के गुनाहों को खारिज करता है।
वो खुद के गुनाहों को खारिज करता है।
देवेन्द्र कुमार ध्रुव(डीआर)
बेलर
जिला गरियाबंद (छ ग)
बेलर
जिला गरियाबंद (छ ग)
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