अइसन हमर गाँव
लछमी माता के असीस,धरती दाई के कोरा
सुख शांति जिहाँ डारे हावय सऊहत डेरा
फर फुल ले सुघ्घर लदाये जिहां पेड़ के डाली
अइसन हमर गाँव जिहां चारो कोती हरियाली....
सुख शांति जिहाँ डारे हावय सऊहत डेरा
फर फुल ले सुघ्घर लदाये जिहां पेड़ के डाली
अइसन हमर गाँव जिहां चारो कोती हरियाली....
दीया बाती जलय,बैरी अंधियार ला हरय
चन्दा चंदैनी मिल रथिया अंजोर करय
बिहनिया कुकरा बासे,गावय कोयलिया कारी
अइसन हमर गाँव जिहां सुरुज पहली बगराथे लाली.....
चन्दा चंदैनी मिल रथिया अंजोर करय
बिहनिया कुकरा बासे,गावय कोयलिया कारी
अइसन हमर गाँव जिहां सुरुज पहली बगराथे लाली.....
माथ मा लगाये बर ऐ माटी चन्दन रोली
गुरतुर गुरतुर इहाँ रहईया मन के बोली
अपन धनहा के किसनहा करय रखवाली
हमर गाँव के सोभा लहलहावत धान के बाली
गुरतुर गुरतुर इहाँ रहईया मन के बोली
अपन धनहा के किसनहा करय रखवाली
हमर गाँव के सोभा लहलहावत धान के बाली
अपन संसकीरती ला बचा के राखे हे
सभ्यता ला अन्तस् मा बसा के राखे हे
मया के झोली भरे नई हे काकरो खाली
सुघ्घर हमर गाँव जिहां बगरे हे खुसहाली
सभ्यता ला अन्तस् मा बसा के राखे हे
मया के झोली भरे नई हे काकरो खाली
सुघ्घर हमर गाँव जिहां बगरे हे खुसहाली
पहुना के सत्कार करय,सब संघरा रहिथे
बिपत के मार ला घलो मिलजुल के सहीथे
सबला अपन रंग मा रंगाथे इहाँ के होली
जगमग जगमग हमर गाँव के दीवाली...
बिपत के मार ला घलो मिलजुल के सहीथे
सबला अपन रंग मा रंगाथे इहाँ के होली
जगमग जगमग हमर गाँव के दीवाली...
रेंगथे सब उही रद्दा मा जेला सियान बताहे
अपन देवी देवता ला सब मन मा बसाहे
सब मनौती पूरा होथे जेन माँगथे सवाली
अइसन हमर गाँव जिहां बिराजे महाकाली ..
अपन देवी देवता ला सब मन मा बसाहे
सब मनौती पूरा होथे जेन माँगथे सवाली
अइसन हमर गाँव जिहां बिराजे महाकाली ..
रचना-देवेन्द्र कुमार ध्रुव (डीआर )
फुटहा करम बेलर
जिला गरियाबंद (छ.ग.)
फुटहा करम बेलर
जिला गरियाबंद (छ.ग.)
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