hindi

Saturday, 1 October 2016

पीरा

नवा राज के सपना
चिरहा ओनहा कस चेंदरा होगे
छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा
अपने माटी म बसुंदरा होगे।।

लोटा धरके अवइया मन ह
इंहा बनाथे बंगलात
छत्तीसगढिया जिंहा के तिंहा रहिगे
जस कंगला के कंगला

भाग जागे के अगोरा म
बितत बच्छर पंदरा होगे
छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा
अपने माटी में बसुंदरा होगे।।

नवा राज ल बिरथा काहय
जेमन परे बाधा
वईसने मन के सियानी हे
उँकरे मुड म हे पागा।।

ओमन मंदारी बनगे
छत्तीसगढिया नचइय्या बेंदरा होगे
छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा
अपने माटी में बसुंदरा होगे।।

जागो रे!छत्तीसगढिया भाई
अपन हक ल माँगो जी
जे तुंहर बाना मारत हे
ओला तुम ललकारो जी।

रद्दा नवा कोन बताही?
अघवा मन सब अंधरा होगे
छत्तीसगढ़ महतारी के दुलरवा बेटा
अपने माटी में बसुंदरा होगे।।

रीझे यादव
टेंगनाबासा(छुरा)

No comments:

Post a Comment