दुरलभ हे मनखे तन
जिनगी के मोल गजब हेझन समझो एला गरू
मनखे तन आमा कस मीठ
झन करव एला करू
महत ल एकर जान पावन करले मन
दुरलभ हे मनखे तन....
दुरलभ हे मनखे तन....
सुग्घर तन ला पाके,,मोह माया म भुलागे
का करनी तैंहा करे,,दई ददा ह रूलागे
का करनी तैंहा करे,,दई ददा ह रूलागे
छोटे बड़े के चिनहारी नई जाने
आदर सतकार दूरियागे
साथी संगत म चाल बिगड़गे
आनी बानी के पीरा हरियागे
आदर सतकार दूरियागे
साथी संगत म चाल बिगड़गे
आनी बानी के पीरा हरियागे
दुनियादारी छोड़ बने करले जतन
दुरलभ हे मनखे तन....
दुरलभ हे मनखे तन....
नशा पानी म निच्चट भिनगे
तन ला तहूँ खिया डारे
किसम किसम के रोग रई म
आधा जिनगी सिरा डारे
का समझे ए तन के महत ल
बिरथा दिन ला पोहा दे
नई मिलय अइसन दुबारा
हांसी ठिठौली म बोहा दे
तन ला तहूँ खिया डारे
किसम किसम के रोग रई म
आधा जिनगी सिरा डारे
का समझे ए तन के महत ल
बिरथा दिन ला पोहा दे
नई मिलय अइसन दुबारा
हांसी ठिठौली म बोहा दे
जिनगी सुधारे बर अब तो कर लगन
दुरलभ हे मनखे तन....
दुरलभ हे मनखे तन....
मनखे तन हे सुग्घर फुलवारी
किसम किसम के फूल लगाले
दया धरम के गोंदा अउ संसकार के गुलाब महकाले
किसम किसम के फूल लगाले
दया धरम के गोंदा अउ संसकार के गुलाब महकाले
बेवहार म रख मिठास,छोटे बड़े के चिनहारि
जस के काम करे बर,मिले हे जनम उधारी
जस के काम करे बर,मिले हे जनम उधारी
बैर भाव ल भुलाके पावन करले अन्तरमन
दुरलभ हे मनखे तन....
दुरलभ हे मनखे तन....
विनोद यादव
पंडरीपानी लोहझर
गरियाबंद 36गढ़
पंडरीपानी लोहझर
गरियाबंद 36गढ़
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