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Saturday, 1 October 2016

उड़ जाही हंसा   गीत 


कतको कर ले जतन तेहं तनके,
उड़ जाही ये हंसा अपन मन के ।
चाहे बांध ले..२ चाहे बांध ले
गेरवा म जकन के
उड़ जाही ये पंछी अपन मन के।
करिया गोरिया काया पाके,मोहमाया म लटपटागे।
जनम देवईया दाई ददा के,
सेवा  करे बर भुलागे ।
चाहे धांध ले...२चाहे धांध ले
सोना के भवन मे, उड़ जाही ये पंछी अपन मन के ।
कतको करले जतन......।
नरवा नदिया तरिया पोखर,
सागर म मिल जाही ।
ये तन तो हे फूल बरोबर,
बिनहा खिले अउ संझा मुरझाही ।
नई हे नई हे...२ भरोसा ये जीवन के,
गाले गाले गुन हरि भजन तें ।
कतको करले जतन तेहं तनके,
उड़ जाही ये हंसा अपन मनके ।

दीनदयाल टंडन
शास.उ.मा.वि.पीपरछेड़ी  छुरा

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