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Saturday, 27 August 2016

हमर ईस्ट देवी

अवतार लिस तिथि सात के,
हमर ईस्ट देवी राजिम माता।
ओकर किरपा ले सब फले फूले,
संगे हे ममता दुलार के नाता।

धन हे राजिम लोचन के मया छाँव,
जेकर ले चलत हे हमर घानी जांता।
ओ खुस हे धन, धान, संतान पाके,
जे एक घंव चढ़ गे माँ के अहाता।

हिजगा मे, हम भाईचारा भूला गेन,
करके झगरा फोरत हन अपन माथा।
मंद महुआ काकरो छुटत नई हावय,
अपने गाल म मारत हन, अपने चांटा।

सबके करनी माता देखत हावय,
राखे हावय जम्मो के करम खाता।
मया बरसात हे, माँ झडी़ बादर कस,
अऊ हमन बईठे हन ओढ़ के छाता।

जेन मनखे ल समझिस दुनिया अछूत,
अऊ लगा दिस मंदिर के सकरी फाटा।
ओकरे हाथ ले भगवान खिचरी खाये,
अईसन परतापी हे हमर गुरु माता।

पाप मोचनी एकादशी के जनम धरे,
जेला कहिथे जम्मो झन कर्मा माता।
तेली समाज बर ओ जिनगी पहा दिस,
ओकर गोड़ म मेहा नवात हो माथा।

ललित साहू "जख्मी" छुरा
जिला - गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

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