"महिमा मोर गाँव के"
मेहा मन म हर्षाओ गाओ महिमा मोर गाँव के
गुण गावत नई थकव बर पीपर के छांव के
बड़ भागी हन ऐ पावन माटी म जन्म पायेन
बड़ भागी हन ऐ पावन माटी म जन्म पायेन
इही म सब खेलेन खायेंन जिनगी बितायेन
सुख शांति के अधार उगावय सोनहा धान
हरे धरती के सिंगार माटी मोर गाँव के ....
सुख शांति के अधार उगावय सोनहा धान
हरे धरती के सिंगार माटी मोर गाँव के ....
ख़ुशी के ऐ सागर हे मीठ पानी के गागर हे
सब लाजवाब मया भरे हावे इहाँ बेहिसाब
सूंदर सूंदर नजारा फुले चम्पा चमेली गुलाब
सब संग ताल मिलाये नंदिया अउ तलाब
चाहे कोयली बात होय या कौवा के काँव के
अइसन सुघ्घर छवि हावय ग मोर गांव के..
सब लाजवाब मया भरे हावे इहाँ बेहिसाब
सूंदर सूंदर नजारा फुले चम्पा चमेली गुलाब
सब संग ताल मिलाये नंदिया अउ तलाब
चाहे कोयली बात होय या कौवा के काँव के
अइसन सुघ्घर छवि हावय ग मोर गांव के..
गाँव अइसन दिखथे मानो सरग इहे बसथे
सियान के सपना लईका के आँखी म सजथे
सियान के भाखा तरक्की के रद्दा सिरतोन
सत के सीख अउ गोठ सावधानी हियाव के
सुख दुःख म एकदुसरा के साथी बनत हे
हर घर ला जोड़े सुंदर गली मोर गाँव के..
सियान के सपना लईका के आँखी म सजथे
सियान के भाखा तरक्की के रद्दा सिरतोन
सत के सीख अउ गोठ सावधानी हियाव के
सुख दुःख म एकदुसरा के साथी बनत हे
हर घर ला जोड़े सुंदर गली मोर गाँव के..
बइठे तरिया पार मा शीतला दाई
बीच बस्ती म मौली माता अउ महामाई
उत्ती म महादेव बुडती म सतबहिनी बिराजे
सबके रक्षा करे बर बरदेव बाबा कहत लागे
चिन्हा दिखे सउहत बजरंगबली के पाँव के
सरसती के पुजारी हर लईका मोर गाँव के...
बीच बस्ती म मौली माता अउ महामाई
उत्ती म महादेव बुडती म सतबहिनी बिराजे
सबके रक्षा करे बर बरदेव बाबा कहत लागे
चिन्हा दिखे सउहत बजरंगबली के पाँव के
सरसती के पुजारी हर लईका मोर गाँव के...
किसनहा हरदम धरती दाई के सेवा बर
मेहनत करय घर परिवार के कलेवा बर
अतका दानी दूसर बर अपन पेट ला काटथे
अपन दुःख पाये अउ दूसरा ला सुख बाँटथे
सरी संसार माला जपथे जेकर नाव के
अन्नदाता कहावय किसनहा मोर गाँव के ...
मेहनत करय घर परिवार के कलेवा बर
अतका दानी दूसर बर अपन पेट ला काटथे
अपन दुःख पाये अउ दूसरा ला सुख बाँटथे
सरी संसार माला जपथे जेकर नाव के
अन्नदाता कहावय किसनहा मोर गाँव के ...
इहा घना हे जंगल सूंदर खेत खलिहान
बढ़ावत हावय शान हरा भरा मैदान
हर रंग मा रंग जाये हांसी ख़ुशी बरसाये
संगे संग सब माने तिहार हरेली अउ देवारी
चलथे ग रोज बयार समानता के भाव के
एकता के सन्देश देवय होली मोर गाँव के ...
बढ़ावत हावय शान हरा भरा मैदान
हर रंग मा रंग जाये हांसी ख़ुशी बरसाये
संगे संग सब माने तिहार हरेली अउ देवारी
चलथे ग रोज बयार समानता के भाव के
एकता के सन्देश देवय होली मोर गाँव के ...
करो तिलक माथा मा माटी ला चन्दन मानके
सोना हरे ऐ माटी महत्तम एखर जानके
बरसा मा महके चिरई मन संग चहके
गीत मधुर सुनावय पनघट मोर गाँव के
चाहे मै ह जिहा राहव कइसनो भी हाल में
मोला सुरता आते रहिथे मोर गाँव के...
सोना हरे ऐ माटी महत्तम एखर जानके
बरसा मा महके चिरई मन संग चहके
गीत मधुर सुनावय पनघट मोर गाँव के
चाहे मै ह जिहा राहव कइसनो भी हाल में
मोला सुरता आते रहिथे मोर गाँव के...
देवेन्द्र कुमार ध्रुव
फुटहा करम बेलर
जिला गरियाबंद
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