बैरी सावन तैं आये काबर
बैरी सावन तैं आये काबर
मन म आगि लगाये काबर
ले दे के तो भूलावत रेहेंव
तैं फेर सुरता देवाये काबर
मन म आगि लगाये काबर
ले दे के तो भूलावत रेहेंव
तैं फेर सुरता देवाये काबर
वोखर तो आंखी हे बादर कस
तैं अऊ बदरिया बुलाये काबर
अंतस म ओला लुकाये हाबौं
तैं ये बात सबला बताये काबर
तैं अऊ बदरिया बुलाये काबर
अंतस म ओला लुकाये हाबौं
तैं ये बात सबला बताये काबर
ओला झुलाथंव मन डोर खिंच
तैं अऊ झुलना बंधवाये काबर
तोला अईसन तरसाना रीहिस त
जीनगी म पिरित हमाये काबर
तैं अऊ झुलना बंधवाये काबर
तोला अईसन तरसाना रीहिस त
जीनगी म पिरित हमाये काबर
नई हांसन देस ओकर संग मोला
त घाव ल खोरच के रोवाये काबर
आंसू पी के 'जख्मी' जियत हाबे
तैं फेर मन म आस जगाये काबर
त घाव ल खोरच के रोवाये काबर
आंसू पी के 'जख्मी' जियत हाबे
तैं फेर मन म आस जगाये काबर
ललित साहू "जख्मी" ग्राम - छुरा
जिला - गरियाबंद ( छ.ग. )
जिला - गरियाबंद ( छ.ग. )
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