hindi

Thursday, 7 July 2016

"जुन्ना छाता नवा काड़ी"

असाढ़ आगे सावन आवत हे
रुख राई सब झुमरत गावत हे
रऊत पहिरे हे मुड़ मा खुमरी
अऊ किसान मोरा बिसावत हे

डोकरा बबा हेर के जुन्ना छाता
नवा काडी - कपडा़ छवावत हे
नान्हे लईका बर हाट बजार म
रंग-बिरंगी नान्हे छाता बेचावत हे

नवा किसम के मोरा झिल्ली हा
खिले-खिलाय अंगिया आवत हे
रेन-कोट कहि के सब मनखे मन
खुद पहिरत सब ला पहिरावत हे

नवा किसम के मोरा पहिर के
मई लोगन फरफटी कुदावत हे
फिज झन जाय लुगरा कहि के
सीट म कागद झिल्ली दसावत हे

मंहगी जुता ला सब संदुक धर के
बरसाती पनही, जुता बिसावत हे
काच्चा माढे हे कपडा़ लत्ता तेमन
अउसईन-अउसईन ममहावत हे

नई गिरत रीहिस त अगोरा रीहिस
गिरत हे त सबे झन खखवावत हे
भुईंया के अंतस पियास म मरत हे
अऊ सब झन पानी ल डर्रावत हे

ललित साहू "जख्मी" ग्राम- छुरा
जिला - गरियाबंद (छ.ग.)
9144992879

No comments:

Post a Comment