"नारी की पहचान"
नहीं है दुष्ट दुर्याेधन,
नहीं है पापी रावण,
अब तो शोषण बंद कराे,
नारी का सम्मान कराे|
नहीं है पापी रावण,
अब तो शोषण बंद कराे,
नारी का सम्मान कराे|
बेटी भी तो बेटों से
किसी क्षेत्र में नहीं पीछे हैं
अब तो बंद भेदभाव कराे,
नारी का सम्मान कराे
किसी क्षेत्र में नहीं पीछे हैं
अब तो बंद भेदभाव कराे,
नारी का सम्मान कराे
नारी ही घर की लक्ष्मी हैं,
यही बात तो समझनी हैं
अब तो बंद अपमान कराे,
नारी का सम्मान कराे
यही बात तो समझनी हैं
अब तो बंद अपमान कराे,
नारी का सम्मान कराे
कन्यादान सबसे बड़ा दान हैं,
अन्यदान कन्या का अपमान हैं
अब तो दहेज प्रथा बंद कराे,
नारी का सम्मान कराे
अन्यदान कन्या का अपमान हैं
अब तो दहेज प्रथा बंद कराे,
नारी का सम्मान कराे
बेटी हैं तो कल हैं,
बेटी भावी पीढ़ी का बल हैं
अब तो बंद गर्भपात कराे,
नारी का सम्मान कराे
बेटी भावी पीढ़ी का बल हैं
अब तो बंद गर्भपात कराे,
नारी का सम्मान कराे
रचनाकार - नेमीचंद साहू
ग्राम - देवगाँव (छुरा)
जिला - गरियाबंद (छ.ग.)
ग्राम - देवगाँव (छुरा)
जिला - गरियाबंद (छ.ग.)
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