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Thursday, 7 July 2016

"असाड़ तोर आय ले"

बादर ह करियावत हे
गरेर ह सनसनावत हे
बिजरी ह चमचमावत हे
भुईयां ह हरियावत हे
असाड़ तोर आय ले....

रूखराई उलहोवत हे
नांगरिहा खेत बोवत हे
बेंदरा मन पदोवत हे
हीरू-बिछरु रोवत हे
असाड़ तोर आय ले.....

नदिया नरवा खलबलावत हे
जुच्छा तरिया डबडबावत हे
भिंदोल मेचका टरटरावत हे
बतरकिरी मन उड़ीयावत हे
 असाड़ तोर आय ले.....

लईका छत्ता सोरियावत हे
चरोटाभाजी बोड़ा बेचावत हे
"समय" खपरा लहुटावत हे
चिरई खोंधरा म लुकावत हे
   असाड़ तोर आय ले......

रचना:-हीरालाल गुरूजी"समय"
ग्राम-छुरा, जिला गरियाबंद (छ.ग.)

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