hindi

Sunday, 17 July 2016

मोर घर के चिन्हारी

मोर घर के ओइरछा म लगे हे झिपारी
लगे ओमा कोरर्ई कमचिल भरवा काड़ी
थुनिहा गड़ा के बांधे हावव मैहर ओला
छइंहा करे बर मोर अंगना अऊ दुवारी
मोर घर.....
बाता हा सुघ्घर ओकर शोभा बढाथे
पैरा अऊ खदर ओकर मितान कहाथे
मया के अटायें पटवा मा ऐहा बंधाथे
घाम पानी ले करथे चांवरा के रखवारी
मोर घर.....,
झिपारी लगे चांवरा लागे हमर डेरौठी
बईठ संग गोठियाथे पहुना अऊ परोसी
जब कोनो पूछे मोर पता ठउर ठिकाना
ता झिपारी हा बनथे मोर घर के चिन्हारी
मोर घर.....
बड़ जतन करके मैहर ऐला बनाथो
इही ला शोभा मान घर मा लगाथो
हावा धुंका पानी आके ऐला हलाके
मोर दशा के रोजदिन करथे चारी
मोर घर......
ऐ झिपारी के बड़ा सुघ्घर बनावट हे
मोर छिटकी कुरिया इही तो सजावट हे
सुख दुःख के बेरा मा एकरो हिस्सेदारी
डटे हे मोहाटी मा मोर बनके संगवारी
मोर घर.....
                                  रचना
                लाकेश दास मानिकपुरी  " बेलरिहा"
                  बेलर फिंगेश्वर  जिला गरियाबंद
                       9752578339

No comments:

Post a Comment