देस मांगे बलिदान
देस मांगे बलिदान ,सुनव जी ..
भारत के संतान ,सुनव जी ....।।
भारत के संतान ,सुनव जी ....।।
जागव भारत वासी जागव ..
उठो ,बढ़ो ..हुंकार भरव जी ..
कबले सुतत जिनगी पहाहु
आओ अपन ,उद्धार करव जी ..।।
उठो ,बढ़ो ..हुंकार भरव जी ..
कबले सुतत जिनगी पहाहु
आओ अपन ,उद्धार करव जी ..।।
जागव भारत वासी ..........
भगत ,चंद्रशेखर ,बिस्मिल जी ..
तुह से करत सवाल हे .....
काबर अइसे होगे हावव ...
जिनगी ह ,बदहाल हे ...
तुह से करत सवाल हे .....
काबर अइसे होगे हावव ...
जिनगी ह ,बदहाल हे ...
उठौ बढ़व तुम रणभूमि म ,
बैरी मन ला कुचलव जी ..
मार भगाओ दुराचारी ला ,
मीठ लबरा ला मसलव जी ..।।
देस मांगे ........।।
क्रांतिकारी बन दिया जलाओ ...
देस ल अपन बचाना हे .....
आजादी के दूसर लड़ई ...
लड़के हक़ ल पाना हे ...
देस ल अपन बचाना हे .....
आजादी के दूसर लड़ई ...
लड़के हक़ ल पाना हे ...
पेरबुधिया झन होवव भाई
अब अउ नई छलावव जी ...
आवव जुरमिल सुनता बांधो..
भारत के लाज बचावव जी ...
समर्पित ...जवान साथी मन ला
रचना - धनराज साहू
बागबाहरा
बागबाहरा
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